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शनिवार, 24 नवंबर 2012

दिल को इंतजार है हमेशा बस उनके आने का


















दिल में उनकी यादो की एक झलक सी रहती है,
इन हवाओ में हरपल उनकी महक सी रहती है,
दिल को इंतजार है हमेशा बस उनके आने का,
हमे उनसे मिलने की अब एक कसक सी रहती है|

ऐसा होता नहीं की आपकी हमे याद न आये,
बात सिर्फ इतनी है की हम कभी जता न पाए,
प्यार तुम्हारा हमारे लिए अनमोल है सनम,
मौका दिया नहीं तुमने और हम दिखा न पाए| !

गुरुवार, 8 नवंबर 2012

आ जाओ लौट कर तुम




















तुम बिन क्या है जीना
क्या है जीना
तुम बिन क्या है जीना

तुम बिन जिया जाए कैसे
कैसे जिया जाए तुम बिन
सदियों से लम्बी हैं रातें
सदियों से लम्बे हुए दिन
आ जाओ लौट कर तुम
ये दिल कह रहा है

फिर शाम-ए-तन्हाई जागी
फिर याद तुम आ रहे हो
फिर जां निकलने लगी है
फिर मुझको तड़पा रहे हो
इस दिल में यादों के मेले हैं
तुम बिन बहुत हम अकेले हैं
आ जाओ...

क्या-क्या न सोचा था मैंने
क्या-क्या न सपने सजाए
क्या-क्या न चाहा था दिल ने
क्या-क्या न अरमां जगाए
इस दिल से तूफ़ां गुजरते हैं
तुम बिन तो जीते न मरते हैं
आ जाओ...

शनिवार, 3 नवंबर 2012

यादें भी कितनी अजीब होती हैं ना?
जिन पलों में हम हंसे थे, उन्हें याद करके हम हंसते हैं और
जिनके साथ में हम हंसे थे, उन्हें याद करके रोते हैं।


 

बुधवार, 24 अक्टूबर 2012

तेरे जाने के बाद




















धुंधली से यादो का दास्ता!
वो काँटों से भरा रास्ता !
मेरा घुट घुट कर जीना !
और आंसुओ को पीना !
तेरे जाने के बाद !

हर चेहरे में तेरे चहरे को पाना !
यादो में तेरी खुद को भूल जाना !!
फूलो का बगिया में न मुस्कुराना !!
पंछी का आसमा में न चहचहाना !!
तेरे जाने के बाद !

मेरी साँसों का थम जाना ,
पर यादो का न रुक पाना !
सावन के मौसम में न आना !!
हर आहट में तुझे न पाना !!
मेरे जाने के बाद !

अब तन्हाई भी सवाल करती है !
करोगे कब जुदा बार बार कहती है !
हवांए भी हर वक्त मुझ से दूर रहती हैं !
फिर होगा सन्देश कोई यही कहती हैं !!
तेरे जाने के बाद !

मेरी माँ






















तुझे कितना चाहता हूँ तू नहीं जानती है
माँ तुम हो इस दुनिया में सबसे न्यारी और दुलारी
तुम हो माँ इस जहा में सबसे प्यारी

माँ कितना चाहता हूँ तुम्हे बता नहीं सकता
तेरे प्यार का बदला मैं कभी नहीं चूका सकता

देख के तुमको मिलता है सुकून माँ
आज भी सोना चाहता हैं तेरे गोद में माँ
वो बचपन में तेरा प्यार माँ
मुझे आज भी याद है

तेरे आचल के पीछे छुपना
दूध न पीने के लिए नखरे दिखाना
वो तुम्हारा डाटना और हलके गल में चपत लगाना
और माँ तेरा खुद ही वो सहम जाना

तेरे याद आती है माँ तेरे पास आने को जी चाहता है
तेरे गोद में सोने को जी चाहता है

मैं तुम्हे बहुत चाहता हूँ मेरी   माँ !!

शनिवार, 13 अक्टूबर 2012

खुद को खोकर क्या पाना..!!

इस ज़माने के साथ , चलना है माना..        
शराफत भी हो , शोहरत भी कमाना..
इस तेज़ रफ़्तार में , खुद को ना खोना..
लगे ना कभी की-
" खुद को खोकर क्या पाना"..!!

सचमुच बड़ी तेज़ , भाग रही जिंदगी ..
थोडा मुश्किल है इसको , ठीक समझ पाना..
पर सब्र ही सबसे वाज़िब दावा है..
रुतबा तो ठीक , दिल जीत लाना..                                 

मीठे लफ्जों से जीतो , मधुर वाणी रखो..
पर किसी का दिल , तुम नहीं दुखाना..
अकड़ कर जो जीता , तो क्या जीत उसकी..
सर झुकाकर तुम सारे , गढ़ जीत लाना..

दिल साफ़ रखना , सबको अपनाना..
बड़े और छोटे में भेद ना लाना..
चोरी ना  करना , ना किसी से छिपाना..
मुश्किल है खुदा की , नज़रों से बच पाना..


ना खुद कभी रुकना , ना किसी को सताना..                        
ना खुद कभी थमना , ना किसी को थकाना..
आज का रौब है , कल रहे ना रहे यह..

हर जिंदगी का पहलु , हंस के अपनाना..



माना 'माया' की महिमा , सबसे अलग है..                  

 मगर मोह न इसका इतना बढ़ाना..
संभालना ज़रा तुम , खुद के लिए ही ..
लगे ना कभी की..
" खुद को खोकर क्या पाना"..!

खो जाऊ अगर तो रोना नहीं..!!

कभी याद हमारी आये तो..

पलकें अपनी तुम भिगोना नहीं..
कभी दिल भी दुःख सा जाये तो..
यादों से दूर तुम होना नहीं..

यह बात पुरानी सच ही है..           
खो जाऊ अगर तो रोना नहीं..    

यह मिलना बिछड़ना जीवन है..
सपनो में सही गुम होना नहीं..
आंसू अपने तुम चुन लेना..
इन्हें हम पर तुम खोना नहीं..

जब याद हमारी आये तो..
सह लेना मगर तुम रोना नहीं..       

तेरी ख़ुशी में है मेरी ख़ुशी..
तेरे अश्को की वजह हमें होना नहीं..  
हम तुझसे रूठ नहीं सकते..
मेरी यादों से दूर कभी होना नहीं..

हु आज अभी , कल ना भी हो..
मुंदु आंखे तो रोना नहीं..!!

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